बूंदी (राजस्थान टीवी न्यूज) विश्व रक्तदाता दिवस प्रतिवर्ष 14 जून को पूरे विश्व भर में बहुत उल्लास से मनाया जाता है,ऑर्ट्रेलियार्ई वैज्ञानिक कार्ल लेंडस्टीनर ने 1901 में रक्तसमुह ए बी ओ ग्रुप की खोज की थी उनकी स्मृति में पूरे विश्व में उनके जन्मदिवस पर इस दिवस को विश्व रक्तदाता दिवस के रूप में मनाया जाता हैं । आज के दिन हर रक्तदाता इस दिवस को उत्सव के रूप में मनाता है । कई संस्थाएं रैली का आयोजन करती है , रक्तदान करते है , और रक्तदान शिविर आयोजित करते है , संकल्प पत्र भरते है , रक्त जागरूकता के लिए विभिन्न प्रकार की जागरूकता गतिविधियां आयोजित करते है ।
मानव सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष रक्तवीर राजेश खोईवाल ने आज 70वी बार स्वैच्छिक रक्तदान किया है
अपने जीवन को ही स्वैच्छिक रक्तदान की जागरूकता के लिए समर्पित चुके और रक्तदान ही जिनकी पहचान बन चुकी है
रक्तवीर राजेश खोईवाल ने 1994 में पहली बार एमबीएस हॉस्पिटल में दुर्घटना में गंभीर घायल अनजान व्यक्ति के लिए रक्तदान किया जिससे घायल का जीवन बचा तो उनको आत्म संतुष्टि हुई और मन को भी काफी सुकून मिला
तब से ही खोईवाल वर्ष में दो से तीन बार स्वेच्छिक रक्तदान करते आ रहे हैं
राजेश खोईवाल अब तक 70 बार रक्तदान कर चुके हैं और
पिछले 10 वर्षो से मानव सेवा समिति नामक संस्था बनाकर युवाओं को रक्तदान के प्रति जागरूक तो कर ही रहे हैं
अमूमन हर दिन ऑन कॉल डोनेशन करवा कर
दुर्घटना में गंभीर घायल व गर्भवती महिलाओ एवं जरूरतमंद मरीजों को रक्त उपलब्ध करवा कर उनका जीवन भी बचा रहे हैं
मरीज को रक्त नहीं मिलने पर परिजनों को रक्त के लिए इधर-उधर गुहार लगाते देख राजेश खोईवाल
व्याकुल हो जाते हैं। और
जब तक मरीज को रक्त उपलब्ध नहीं हो जाता तब तक अथक प्रयास कर समिति के रक्तदाता से रक्तदान करवा कर रक्त उपलब्ध करवाने के लिए कड़ा परिश्रम करते रहते हैं
अपने जीवन को रक्तदान के प्रति समर्पित कर चुके खोईवाल
हर दिन सोशल मीडिया पर रक्तदान की जागरूकता की पोस्ट डाल कर युवाओं को स्वेच्छिक रक्तदान करने के लिए जागरुक करते हैं
राजेश खोईवाल से बात की तो उन्होंने बताया की
एक रक्तदान
तीन मरीजों का जीवन बचाता है
एक यूनिट रक्त को सेपरेशन करके
पीवीसी आरडीपी और एसडीपी को अलग किया जाता है
जिससे हमारे द्वारा किया एक रक्तदान तीन अलग लग जरूरत मंद मरीजों को चढ़ा कर मरीजों का जीवन बचाया जाता है
क्योंकि रक्त किसी मशीन या फैक्ट्री में नहीं बनता है
और ना ही किसी दुकानों पर मिलता है
रक्त सिर्फ स्वैच्छिक रक्तदान के माध्यम से
युवाओं की शिराओं से निकालकर ही रक्त प्राप्त कर दुर्घटना में घायल या
जरूरतमंद गंभीर बीमार मरीजों को चढ़ाकर मरीजों का जीवन बचाया जाता है
इसलिए रक्त के दान को जीवनदायिनी महादान कहा जाता है
रक्तदान के इस पुनीत कार्य में जागरूकता लाकर देश दुनिया में रक्तदान की कमी को दूर करने के लिए
जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है
इसमें कई संस्थाएं निरंतर कार्य कर रही है
हमारे संवाददाता द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार
बूंदी में मानव सेवा समिति रक्तदान महादान जागरूकता अभियान देश दुनिया में इसकी मिसाल बन चुका है
मानव सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष
राजेश खोईवाल रक्तवीर के नाम से अपनी अलग पहचान बना चुके है,
और नियमित रक्तदान करने के साथ साथ बूंदी के युवाओं के लिए प्रेरणा श्रोत बनकर
युवाओं को भी रक्तदान करने के लिए प्रेरित करते आ रहे हैं
और रक्तदान की जागरूकता के लिए जन्मदिन पर वैवाहिक वर्षगांठ पर किसी परिजनों की पुण्यतिथि पर या अन्य धार्मिक महापर्वों पर रक्तदान शिविर का आयोजन करवा कर स्वेच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने का सराहनीय कार्य कर रहे हैं
इस मानवीय रक्त सेवा कार्य के लिए राजेश खोईवाल को नेपाल के प्रधान मंत्री सहित देश के कई राज्यों की सामाजिक संस्थाओं द्वारा राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जा चुका है
इस दौरान डॉ मनु जेथलिया डॉक्टर सुशील जैन, ब्लड बैंक प्रभारी नारायण सिंह हाडा, विमला गुर्जर, निशांत और पत्रकार राजकुमार राठौर, रवि कुमार गोंद,सूरज राठौर, सोनू डगोरिया आदि सीमित के कार्यकर्ता मौजूद रहे
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