बूंदी (राजस्थान टीवी न्यूज़) राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय ढोलाकी झोपड़िया में मानसून के दौरान भवन की जर्जर स्थिति बच्चों की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। बारिश से पहले विद्यालय परिसर में कुछ कमरों की जमीन को समतल किया गया था, लेकिन मानसून शुरू होने के बाद भी भवन की आवश्यक मरम्मत का कार्य पूरा नहीं हो सका है।
राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के प्रदेश मंत्री नूतन तिवारी ने कहा कि विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि विद्यालय भवन की मरम्मत के लिए शीघ्र बजट स्वीकृत किया जाए, ताकि बरसात के मौसम में किसी भी प्रकार की दुर्घटना की आशंका को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होगी।
वार्ड पंच नंदकिशोर मीणा एवं ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण तो किया गया है, लेकिन सबसे पहले बच्चों के बैठने, पढ़ने और खेलने के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है।
ग्रामीणों के अनुसार संबंधित अधिकारियों द्वारा विद्यालय भवन का निरीक्षण किया गया था, जिसमें कई कमरों को मरम्मत योग्य पाया गया। भवन की आरसीसी में लगे सरिये जंग लगने से कमजोर हो चुके हैं तथा छत की सामग्री टूटकर कमरों में गिर रही है। भवन में कई स्थानों पर गहरी दरारें आ चुकी हैं। कुछ अत्यधिक जर्जर कमरों को ध्वस्त भी कर दिया गया है, जबकि शेष कमरों की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है।
बताया गया कि छतों से पानी का रिसाव रोकने के लिए डैम्प-प्रूफिंग का कार्य किया गया, लेकिन दरारों को पहले क्रैक-सील किए बिना डैम्प-प्रूफिंग करने के कारण अपेक्षित परिणाम नहीं मिले। वर्तमान में भी कमरों में सीलन बनी हुई है और लगातार बारिश होने पर पुनः छतों से पानी टपकने की आशंका बनी हुई है।
प्रशासनिक अधिकारियों एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की टीम ने भी विद्यालय का निरीक्षण कर शीघ्र मरम्मत कराने का आश्वासन दिया है।
अभिभावकों एवं शाला परिवार ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए विद्यालय भवन की मरम्मत के लिए तत्काल बजट स्वीकृत कर कार्य शुरू कराया जाए, ताकि बरसात के दौरान किसी भी प्रकार की जनहानि या दुर्घटना की संभावना से बचा जा सके।