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Thursday, October 15, 2026

भाजपा का प्रदर्शन: पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के खिलाफ कोतवाली थाने में परिवाद दर्ज

राजेश खोईवाल  (राजस्थान टीवी न्यूज़)
बूंदी । राजस्थान सरकार के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास द्वारा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ कथित तौर पर अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने के मामले में भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा रुख अपनाया है।
भाजपा शहर अध्यक्ष राजकुमार श्रृंगी और भाजपा महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष नूपुर मालव एडवोकेट की अगुवाई में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने शहर के कोतवाली थाने पहुंचकर पूर्व मंत्री के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए लिखित शिकायत दी है।
शहर प्रवक्ता अभिषेक जैन ने बताया कि कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कांग्रेस पार्टी के कार्यक्रम के दौरान पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने सार्वजनिक मंच से राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के लिए 'चोर' जैसी अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया तथा "पूरे राजस्थान को लूट कर खा गया है" जैसे अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया।भाजपा नेताओं का कहना है कि संवैधानिक पद पर बैठे लोकसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री के खिलाफ इस तरह की भाषा का प्रयोग करना पूरी तरह से कानूनी अपराध है। इसी को लेकर थाने में रिपोर्ट दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है।
ज्ञापन देने वालो में पूर्व जिला प्रवक्ता निर्मल मालव, पंकज गुर्जर , अनिल शर्मा , मुकेश मीणा , सुरेश गुर्जर, महेश जैन , कपिल मीणा सहित भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे ।

टीकम जैन बने नगर परिषद, बूंदी में नेता प्रतिपक्षबूंदी वासियों की समस्याओं के निराकरण के लिए सदैव तैयार रहूंगा - नेता प्रतिपक्ष जैन

राजेश खोईवाल 
बूंदी (राजस्थान टीवी न्यू)
बून्दी नगर परिषद के सभापति के कांग्रेस उम्मीदवार टीकम जैन को नेता प्रतिपक्ष बने! विधायक हरिमोहन शर्मा ने पार्षदों के अभिनंदन समारोह के दौरान बताया कि सभापति के उम्मीदवार में जो मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल का उम्मीदवार होता है और वह उपविजेता रहता है वह स्वत नेता प्रतिपक्ष बन जाता है! शर्मा ने जानकारी दी की राजस्थान सरकार के स्वायत्त शासन विभाग के पत्र क्रमांक 5197- 5378 दिनांक 24.07.2001 के अनुसार सभापति के चुनाव में ऐसा पार्षद जिसको सभापति के बाद सर्वाधिक मत मिले हो तथा जो किसी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल का सदस्य हो तो उसको नेता प्रतिपक्ष मान लिया जाता है और इस आधार पर एवं सभी वार्ड पार्षदों की सहमति से अभिनंदन समारोह के दौरान टीकम जैन को नेता प्रतिपक्ष नगर परिषद बूंदी की घोषणा की। विधायक हरिमोहन शर्मा और पीसीसी सदस्य सत्येश शर्मा सहित सभी नवनिर्वाचित पार्षद एवं पार्षद प्रत्याशीयों ने माला बनाकर बधाई प्रेषित की। 


नेता प्रतिपक्ष वरिष्ठ पार्षद टीकम जैन ने कहां की कांग्रेस के पार्टी के सभी पार्षदों को साथ में लेकर जन समस्याओं के निराकरण के लिए सदा तैयार रहूंगा और जनता को बेहतर सुविधाएं मिलने के लिए सदन और सड़क पर संघर्ष करने में पीछे नहीं हटूंगा। सड़क से लेकर नगर परिषद के सदन तक जनता की मूलभूत सुविधाओं को लेकर आवाज उठाऊंगा। बूंदी वासियों के न्याय के लिए हर कसौटी से गुजरने के लिए तैयार हूं! 


नेता प्रतिपक्ष की घोषणा होने के बाद वरिष्ठ वार्ड पार्षद टीकम जैन का मोइनुद्दीन फॉरवर्ड,शैलेश सोनी, निशांत नुवाल, प्रेम शंकर बैरवा, समरीन अंसारी, सगीर मोहम्मद, श्रीमती संपत, श्रीमती ललिता कुमावत, मयंक सुवालका, मोइनुल हसन, लक्ष्मण सैनी, श्रीमती बिमला गुर्जर, मोहसिन बेग, महादेव भील, संगीता एवरग्रीन सहित सभी कांग्रेस प्रत्याशियों एवं नगर परिषद चुनाव में सक्रिय भूमिका निभाने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने माला पहनाकर और कांग्रेस पार्टी का दुपट्टा ओढ़ाकर स्वागत-अभिनंदन किया।

*5वी बार वार्ड पार्षद बने टीकम जैन*

बूंदी नगर परिषद के इतिहास में वरिष्ठ वार्ड पार्षद टीकम जैन सबसे अधिक बार निर्वाचित होने वाले वार्ड पार्षद हैं। टीकम जैन लगातार बूंदी नगर परिषद में पांचवीं बार वार्ड पार्षद निर्वाचित हुए हैं। साथ ही टीकम जैन बूंदी नगर परिषद के अलग-अलग वार्डो से पार्षद बने हैं! जनता के प्रति उनका सेवा भाव और उनकी समस्या समाधान के लिए हर प्रकार की लड़ाई लड़ने से जनता ने यह विश्वास टीकम जैन के ऊपर जताया!

Tuesday, October 13, 2026

डॉ. रमाकांत मंडावत लगातार 16 वर्षों से निर्विरोध अध्यक्ष, एक बार फिर राजस्थान आयुर्वेद चिकित्साधिकारी संघ की कमान सौंपीसरल स्वभाव, न्यायप्रिय छवि और मिलनसार व्यक्तित्व के चलते लगातार मिल रहा चिकित्साधिकारी साथियों का विश्वास, निर्विरोध निर्वाचन पर विभाग और परिवारजनों में खुशी की लहर

राजेश खोईवाल (राजस्थान टीवी न्यूज़) बूंदी दिनांक : 

14 अक्टूबर 2026 

राजस्थान। राजस्थान आयुर्वेद चिकित्साधिकारी संघ के अध्यक्ष पद पर डॉ. रमाकांत मंडावत को एक बार फिर निर्विरोध निर्वाचित किया गया है। आज आयोजित चुनाव प्रक्रिया में उनके नाम पर सर्वसम्मति बनने के बाद उन्हें पुनः संघ के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। डॉ. मंडावत पिछले 16 वर्षों से लगातार निर्विरोध अध्यक्ष चुने जाते रहे हैं। एक बार फिर उनके निर्विरोध निर्वाचन से आयुर्वेद चिकित्सा जगत में हर्ष का माहौल है। उनके समर्थकों, विभागीय साथियों, परिवारजनों, मित्रों और शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई है तथा उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

डॉ. रमाकांत मंडावत की पहचान एक अनुभवी चिकित्साधिकारी, सहज स्वभाव के व्यक्तित्व और सभी को साथ लेकर चलने वाले नेतृत्वकर्ता के रूप में रही है। उनका सरल व्यवहार, न्यायप्रिय छवि, मिलनसार व्यक्तित्व और साथियों के प्रति सहयोगात्मक दृष्टिकोण उन्हें अन्य लोगों से अलग पहचान दिलाता है। यही कारण है कि लंबे समय से उन्हें संघ के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी निर्विरोध रूप से मिलती आ रही है।

16 वर्षों से कायम है विश्वास और भरोसे का सिलसिला

किसी भी संगठन में लगातार इतने लंबे समय तक निर्विरोध अध्यक्ष चुना जाना अपने आप में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाती है। यह केवल एक पद पर बने रहने का विषय नहीं, बल्कि साथियों के बीच बने विश्वास, आपसी समन्वय और नेतृत्व के प्रति स्वीकार्यता को भी दर्शाता है। डॉ. रमाकांत मंडावत ने पिछले 16 वर्षों में अपने व्यवहार और कार्यशैली से चिकित्साधिकारी साथियों के बीच जो विश्वास अर्जित किया है, उसी का परिणाम है कि इस बार भी उनके नाम पर किसी प्रकार का विरोध सामने नहीं आया और उन्हें सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना गया।

संघ के अध्यक्ष के रूप में उनकी निरंतरता संगठनात्मक अनुभव, आपसी सामंजस्य और साथियों के बीच उनकी स्वीकार्यता को रेखांकित करती है। उनके नेतृत्व को चिकित्साधिकारी साथियों के बीच विश्वास और एकजुटता के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।

सरल स्वभाव और न्यायप्रिय छवि बनी पहचान

डॉ. मंडावत के व्यक्तित्व की सबसे बड़ी विशेषता उनका सरल एवं सहज व्यवहार माना जाता है। वे अपने मिलनसार स्वभाव और न्यायप्रिय दृष्टिकोण के लिए पहचाने जाते हैं। साथियों के साथ संवाद बनाए रखना, सभी की बात को महत्व देना तथा आपसी समन्वय को प्राथमिकता देना उनके व्यक्तित्व की प्रमुख विशेषताओं में शामिल है।

उनकी इसी कार्यशैली के चलते वे लंबे समय से चिकित्साधिकारी साथियों का विश्वास प्राप्त करते रहे हैं। संगठन में किसी भी पद की जिम्मेदारी निभाने के लिए अनुभव के साथ-साथ व्यवहारकुशलता, धैर्य और सभी को साथ लेकर चलने की क्षमता आवश्यक होती है। डॉ. मंडावत का लगातार निर्विरोध चुना जाना उनके प्रति साथियों के भरोसे को प्रदर्शित करता है।

निर्विरोध निर्वाचन पर बधाइयों का लगा तांता

राजस्थान आयुर्वेद चिकित्साधिकारी संघ के अध्यक्ष पद पर एक बार फिर निर्विरोध चुने जाने के बाद डॉ. रमाकांत मंडावत को विभागीय साथियों, परिवारजनों, मित्रों, सहयोगियों और शुभचिंतकों की ओर से बधाइयां एवं शुभकामनाएं दी जा रही हैं। उनके पुनः अध्यक्ष निर्वाचित होने पर सभी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की है।

उनके शुभचिंतकों का मानना है कि डॉ. मंडावत के अनुभव, सरल स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व का लाभ संगठन को आगे भी मिलता रहेगा। उनके नेतृत्व में संघ आपसी एकजुटता, बेहतर समन्वय और चिकित्साधिकारी साथियों के हितों से जुड़े विषयों पर सकारात्मक भूमिका निभाने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

डॉ. रमाकांत मंडावत का लगातार 16 वर्षों तक निर्विरोध अध्यक्ष चुना जाना उनके प्रति साथियों के अटूट विश्वास और स्वीकार्यता का परिचायक है। एक बार फिर सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुने जाने पर उनके समर्थकों और शुभचिंतकों में उत्साह का माहौल है। सभी ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य एवं सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।

Monday, October 12, 2026

लाल लंगोट वाले बाबा की नौवीं पुण्यतिथि पर गौसेवा, गोवंश के लिए की हरे चारे की व्यवस्था17 दिसंबर को जयपुर में आयोजित होने वाली गौ माता को राष्ट्रीय माता का दर्जा दिलाने की रैली में भाग लेने की अपील

राजेश खोईवाल 
बूंदी (राजस्थान टीवी न्यूज)
बूंदी। प्रातः स्मरणीय परम पूज्य महंत परमहंस श्री श्री 1008 श्री बजरंग दास जी महाराज (लाल लंगोट वाले बाबा) की नौवीं पुण्यतिथि के अवसर पर 13 अक्टूबर को बूंदी स्थित ब्रह्मांडेश्वर गौशाला में गौसेवा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गुरु भाइयों एवं गौसेवकों ने गौशाला में मौजूद समस्त गोवंश के लिए हरे चारे की व्यवस्था कर गौसेवा का पुण्य लाभ प्राप्त किया।

आयोजन के दौरान उपस्थित गौसेवकों ने गौ माता के संरक्षण, संवर्धन एवं सम्मान का संकल्प लिया। साथ ही, गौ माता को राष्ट्रीय माता का दर्जा दिलाने के लिए चलाए जा रहे अभियान को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की। सभी ने आमजन से आग्रह किया कि 17 दिसंबर को जयपुर में आयोजित होने वाली गौ माता को राष्ट्रीय माता का दर्जा दिलाने की रैली में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर इस अभियान को सफल बनाएं।

गौसेवकों ने कहा कि गौसेवा भारतीय संस्कृति, परंपरा और मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्य है। गौवंश का संरक्षण करना और उनकी सेवा के लिए आगे आना प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक दायित्व है। इस प्रकार के आयोजन समाज में सेवा, करुणा और धर्म के प्रति समर्पण की भावना को मजबूत करते हैं।

गौशाला में गौसेवा के पश्चात सभी गुरु भाई एवं गौसेवक बाणगंगा स्थित नृसिंह आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने गुरुदेव के चरणों में शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा उनके बताए सेवा और आध्यात्मिकता के मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।

इस अवसर पर श्री बजरंग जन कल्याण आध्यात्मिक समिति के सदस्य राजकुमार मोदी, विजेंद्र गुर्जर, शुभम श्रृंगी, पवन गौतम, विक्की वधवा, यश मोदी, जितेंद्र मोदी, जितेंद्र गुर्जर, मोहित शर्मा, रमेश गुर्जर, सुनील गौतम उर्फ बॉबी, बलवीर सिंह सहित अन्य गौसेवक मौजूद रहे।

नवरात्रि में रक्तवीर राजेश खोईवाल ने कैंसर पीड़ित अनजान माता के लिए किया 82वां रक्तदान, मानव सेवा की पेश की मिसालबूंदी से कोटा पहुंचकर आपातकाल में किया रक्तदान, 9 माह में पांचवीं बार रक्तदान कर युवाओं को दिया सेवा का संदेशरक्तदान से कमजोरी आने का डर छोड़ें युवा, स्वस्थ व्यक्ति चिकित्सकीय जांच के बाद कर सकता है स्वैच्छिक रक्तदान

राजेश खोईवाल 
बूंदी (राजस्थान टीवी न्युज)
बूंदी। नवरात्रि के पावन अवसर पर मानव सेवा और परोपकार की भावना को सर्वोपरि रखते हुए मानव सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं इंटरनेशनल ब्लड मोटिवेटर रक्तवीर राजेश खोईवाल ने एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश की। उन्होंने कोटा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कैंसर पीड़ित अनजान महिला मरीज की सहायता के लिए अपने जीवन का 82वां स्वैच्छिक रक्तदान किया। मरीज को आपातकाल में रक्त की आवश्यकता होने की सूचना मिलते ही राजेश खोईवाल बिना समय गंवाए बूंदी से कोटा पहुंचे और रक्तदान कर जरूरतमंद की मदद के लिए कदम बढ़ाया।
मानव सेवा समिति के कार्यकर्ता रवि कुमार गोंद ने बताया कि बूंदी के तत्कालीन प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर लक्ष्मी नारायण मीणा व रक्तकोष फाऊंडेशन के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. अनिल मर्मिट के माध्यम से रक्तवीर राजेश खोईवाल को सूचना मिली थी कि कोटा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कैंसर पीड़ित महिला मरीज को आपातकाल में ए पॉजिटिव रक्त घटक की आवश्यकता है। सूचना मिलते ही राजेश खोईवाल ने मरीज की पहचान, जाति, धर्म और व्यक्तिगत परिचय की परवाह किए बिना मानवता को सर्वोपरि माना और तत्काल कोटा पहुंचकर SDP यानी सिंगल डोनर प्लेटलेट्स का रक्तदान किया।
रक्तवीर राजेश खोईवाल का यह 82वां रक्तदान केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि वर्षों से निरंतर जारी सेवा, समर्पण और जरूरतमंदों की सहायता के संकल्प का प्रतीक है। उनका प्रयास है कि रक्त की कमी के कारण किसी जरूरतमंद मरीज के उपचार में बाधा नहीं आए और समाज का प्रत्येक युवा रक्तदान के महत्व को समझते हुए इस पुनीत कार्य से जुड़े।
2026 में पांचवीं बार रक्तदान, 100 बार रक्तदान करने का संकल्प

रक्तवीर राजेश खोईवाल ने वर्ष 2026 में अब तक पांच बार रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों की सहायता की है। उनके इस वर्ष के रक्तदान का विवरण इस प्रकार है—

- 18 जनवरी 2026: हैदराबाद में रक्तदान किया।
- 11 अप्रैल 2026: लोकसभा अध्यक्ष के ओएसडी राजीव दत्ता के जन्मदिन के अवसर पर रक्तदान किया।
- 19 अप्रैल 2026: कोटा के अपना ब्लड बैंक में रक्तदान किया।
- 29 जुलाई 2026: रेडक्रॉस भवन में जिला कलेक्टर की अपील पर रक्तदान किया।
- 12 अक्टूबर 2026: कोटा के निजी अस्पताल में कैंसर पीड़ित महिला मरीज के लिए रक्तदान किया।

रक्तवीर राजेश खोईवाल ने जीवन में 100 बार रक्तदान करने का संकल्प लिया है। इसके साथ ही वे रक्तदान जागरूकता अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक युवाओं को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनका मानना है कि रक्तदान की वास्तविक सफलता तभी है, जब समाज में रक्तदाताओं की संख्या बढ़े और जरूरत पड़ने पर मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध हो सके।

रक्तदान से कमजोरी आने का डर निकालें युवा, जागरूकता से टूटेंगी भ्रांतियां

समाज में आज भी कई लोगों के मन में यह भ्रांति है कि रक्तदान करने से शरीर में कमजोरी आ जाती है, शारीरिक क्षमता कम हो जाती है या लंबे समय तक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसी डर के कारण अनेक स्वस्थ युवा रक्तदान करने से पीछे हट जाते हैं। 
रक्तवीर राजेश खोईवाल युवाओं से अपील करते हैं कि वे बिना सही जानकारी के ऐसी भ्रांतियों पर विश्वास न करें, बल्कि रक्तदान के संबंध में चिकित्सकीय जानकारी प्राप्त करें और पात्र होने पर स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आएं।

सामान्यतः स्वस्थ और पात्र व्यक्ति में चिकित्सकीय जांच के बाद किया गया रक्तदान सुरक्षित होता है। रक्तदान से पहले रक्तदाता के स्वास्थ्य, हीमोग्लोबिन, वजन और अन्य आवश्यक मानकों की जांच की जाती है। रक्तदान के बाद शरीर दान किए गए रक्त की भरपाई की प्रक्रिया शुरू कर देता है। हालांकि, प्रत्येक व्यक्ति का स्वास्थ्य अलग होता है, इसलिए रक्तदान करने से पहले चिकित्सकीय जांच और स्वास्थ्यकर्मियों के निर्देशों का पालन करना जरूरी है।

रक्तदान के बाद कुछ लोगों को थोड़े समय के लिए चक्कर या कमजोरी महसूस हो सकती है। इसलिए रक्तदान के बाद पर्याप्त आराम करना, तरल पदार्थ लेना और रक्तकेंद्र के निर्देशों का पालन करना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को एनीमिया या अन्य स्वास्थ्य समस्या है, तो उसे चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही रक्तदान करना चाहिए।

रक्तवीर राजेश खोईवाल का कहना है कि रक्तदान से डरने के बजाय उसके बारे में सही जानकारी प्राप्त करना जरूरी है। यदि स्वस्थ युवा अपनी क्षमता और चिकित्सकीय पात्रता के अनुसार नियमित अंतराल पर रक्तदान करने की आदत विकसित करें, तो जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।

रक्तदान महादान, किसी अनजान के लिए भी आगे आएं

रक्तदान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि रक्तदाता अक्सर उस व्यक्ति को जानता तक नहीं, जिसकी सहायता के लिए वह रक्तदान कर रहा होता है। इसके बावजूद वह अपने रक्त से किसी मरीज के उपचार में सहयोग करता है। यही भावना समाज को जोड़ती है और मानवता को मजबूत बनाती है।

कैंसर पीड़ित मरीजों, दुर्घटना में घायल व्यक्तियों, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों तथा अन्य जरूरतमंद मरीजों को उपचार के दौरान रक्त या उसके विभिन्न घटकों की आवश्यकता हो सकती है। ऐसे समय में स्वैच्छिक रक्तदाता किसी परिवार के लिए आशा की किरण बन सकते हैं।

रक्तवीर राजेश खोईवाल का मानना है कि रक्तदान किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। 
हर स्वस्थ और पात्र युवा को रक्तदान के महत्व को समझना चाहिए तथा अपने परिवार, मित्रों और परिचितों को भी इसके प्रति जागरूक करना चाहिए।

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगांठ और अन्य विशेष अवसरों पर रक्तदान शिविरों में भाग लेकर समाज को सकारात्मक संदेश दें। साथ ही, जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की मांग आने पर केवल सोशल मीडिया पर संदेश साझा करने तक सीमित न रहें,
 बल्कि अपनी पात्रता के अनुसार रक्तदान करने या अन्य योग्य रक्तदाताओं को प्रेरित करने का प्रयास करें।

सेवा ही संकल्प, 100 रक्तदान पूरे करने की ओर बढ़ते कदम

रक्तवीर राजेश खोईवाल लंबे समय से मानव सेवा समिति के माध्यम से रक्तदान जागरूकता, रक्त की आवश्यकता वाले मरीजों की सहायता और सामाजिक सेवा के कार्यों में सक्रिय हैं। उनका उद्देश्य केवल स्वयं रक्तदान करना नहीं, बल्कि समाज में ऐसे हजारों जागरूक नागरिक तैयार करना है, जो जरूरतमंदों की सहायता के लिए हमेशा तत्पर रहें।

82 बार रक्तदान करने के बाद भी उनका संकल्प लगातार जारी है। वे 100 रक्तदान पूरे करने के लक्ष्य के साथ युवाओं को यह संदेश दे रहे हैं कि सेवा के लिए किसी बड़े पद, धन या पहचान की आवश्यकता नहीं होती। सच्ची सेवा का आरंभ संवेदनशील सोच और जरूरतमंद की सहायता के लिए उठाए गए छोटे से कदम से होता है।

नवरात्रि के पावन दिनों में कैंसर पीड़ित अनजान महिला मरीज के लिए किया गया उनका यह रक्तदान समाज को यही संदेश देता है कि मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं, जरूरतमंद की सहायता से बड़ा कोई संकल्प नहीं और किसी के जीवन को बचाने के प्रयास से बढ़कर कोई सेवा नहीं।

रक्तवीर राजेश खोईवाल का संदेश—

“युवा साथियों, रक्तदान को लेकर मन में किसी प्रकार का डर या भ्रांति न रखें। सही जानकारी प्राप्त करें, अपनी स्वास्थ्य पात्रता की जांच करवाएं और योग्य होने पर स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आएं। आपका रक्त किसी जरूरतमंद मरीज के उपचार में सहायक बन सकता है। आइए, हम सब मिलकर रक्तदान के प्रति जागरूक समाज बनाएं, ताकि रक्त की आवश्यकता होने पर किसी भी परिवार को असहाय महसूस न करना पड़े। रक्तदान महादान है, रक्तदान जीवनदान है।

मालन मासी बालाजी धाम में 501 कन्याओं के पद पूजन की तैयारियां शुरू20 अक्टूबर तक प्रतिदिन रात्रि 8 बजे होगा श्रीरामचरितमानस सुंदरकांड एवं हनुमान चालीसा पाठ, 21 अक्टूबर को होगा भव्य आयोजन

राजेश खोईवाल 
बूंदी (राजस्थान टीवी न्यूज)
बूंदी। पूज्य गुरुदेव श्री श्री 1008 लाल लंगोट वाले बाबा की प्रेरणा एवं श्री श्री 108 बालक दास जी महाराज के पावन सानिध्य में श्री मालन मासी बालाजी मित्र मंडल सेवा समिति, श्री मालन मासी धाम द्वारा धार्मिक एवं सामाजिक सेवा कार्यों की परंपरा निरंतर आगे बढ़ाई जा रही है। समिति की ओर से पिछले 24 वर्षों से बालाजी मंदिर प्रांगण में संगीतमय सुंदरकांड पाठ, धार्मिक आयोजनों एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े सेवा कार्य अनवरत किए जा रहे हैं।

इसी स्वर्णिम परंपरा में एक और नई कड़ी जोड़ते हुए श्री मालन मासी बालाजी धाम में श्रीरामचरितमानस सुंदरकांड एवं हनुमान चालीसा पाठ का शुभारंभ किया गया। यह पाठ प्रतिदिन रात्रि 8 बजे प्रारंभ होगा और 20 अक्टूबर 2026 तक लगातार जारी रहेगा।

21 अक्टूबर को होगा 501 कन्याओं का पद पूजन

श्री मालन मासी बालाजी मित्र मंडल सेवा समिति के अध्यक्ष एवं बालाजी सेवक बंटी गौतम ने बताया कि बागेश्वर धाम सरकार के आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के कन्या विवाह आयोजन से प्रेरित होकर 21 अक्टूबर 2026 को 501 कन्याओं के पद पूजन का भव्य आयोजन किया जाएगा।

इस धार्मिक आयोजन में श्री बागेश्वर धाम मातृशक्ति सुंदरकांड मंडल की समस्त टीम, श्री बागेश्वर धाम सुंदरकांड मंडल बूंदी के सदस्य तथा बूंदी के समस्त सनातन धर्मप्रेमी बंधु अपनी सहभागिता निभाएंगे।

आयोजन का उद्देश्य कन्याओं के प्रति सम्मान, सनातन संस्कृति के संरक्षण और धार्मिक-सामाजिक समरसता की भावना को मजबूत करना है।

आयोजन की व्यवस्थाओं में जुटे सेवाभावी कार्यकर्ता

इस आयोजन की व्यवस्थाओं में शांतिलाल जैन, जगदीश गुप्ता एडवोकेट, पंडित बृजेश गौतम, मनीष शर्मा, विद्युत रमेश, महावीर सैनी, लोकेश श्रृंगी, मुकेश कुमार जैन, सुरेश श्रृंगी, तुषार शर्मा, शशांक मिश्रा, सुरेश नुवाल एवं श्यामलाल यादव सहित अनेक सेवाभावी कार्यकर्ता सहयोग कर रहे हैं।

वहीं आदिशक्ति सुंदरकांड मंडल से श्रीमती मेनका जाजू, श्रीमती ओझा, लीला जी सोमानी, रुक्मणी जाजू एवं अनीता गौतम सहित अन्य मातृशक्ति भी आयोजन की तैयारियों में सहयोग दे रही हैं।

श्री मालन मासी बालाजी मित्र मंडल सेवा समिति ने समस्त धर्मप्रेमी नागरिकों से इस धार्मिक आयोजन में सहभागी बनकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।

अशोक गुप्ता के बाद संविदाकर्मी आरिज की मौत से फिर उठे सवाल, बूंदी की चिकित्सा व्यवस्था में सुधार की मांग तेजसंयुक्त व्यापार महासंघ ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर एवं सीएमएचओ को सौंपा 12 सूत्रीय मांग-पत्र, सात दिन में जवाब मांगा; कार्रवाई नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी

राजेश खोईवाल बूंदी राजस्थान टीवी न्यूज़बूंदी। बूंदी जिला चिकित्सालय की चिकित्सा व्यवस्थाओं में सुधार और आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर संयुक्त व्यापार महासंघ ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को 12 सूत्रीय मांग-पत्र सौंपा। महासंघ ने चिकित्सा व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार की मांग करते हुए चेतावनी दी कि निर्धारित समय में संतोषजनक कार्रवाई नहीं होने पर व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।

महासंघ ने कहा कि दिवंगत व्यापारी अशोक गुप्ता के प्रकरण के बाद अब संविदाकर्मी आरिज की हृदयाघात से मृत्यु की घटना ने जिला चिकित्सालय में हृदय रोग विशेषज्ञ की उपलब्धता और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्थाओं को लेकर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। समाचार पत्रों में प्रकाशित घटनाक्रम के अनुसार, आरिज को उपचार के बाद बेहतर चिकित्सा के लिए कोटा रेफर किया गया था। महासंघ ने संबंधित घटनाओं की निष्पक्ष समीक्षा कर चिकित्सा व्यवस्था में आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने की मांग की।

12 सूत्रीय मांग-पत्र में उठाए चिकित्सा सुविधाओं से जुड़े प्रमुख मुद्दे

संयुक्त व्यापार महासंघ ने मांग-पत्र में जिला चिकित्सालय में हृदय रोग विशेषज्ञ (कार्डियोलॉजिस्ट) की नियुक्ति, प्रसूता मृत्यु के मामलों की जांच, 24 घंटे वरिष्ठ चिकित्सकों की उपलब्धता, चार अतिरिक्त सुसज्जित आपातकालीन बेड तथा जीवनरक्षक सुविधाओं और आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की।

इसके अतिरिक्त चिकित्सकों का पारदर्शी ड्यूटी रोस्टर लागू करने, सर्पदंश के उपचार की समुचित व्यवस्था करने, RGHS योजना के अंतर्गत सुविधाएं उपलब्ध कराने, पार्किंग व्यवस्था में सुधार, ब्लड सेपरेशन मशीन उपलब्ध कराने तथा चिकित्सा व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए 11 सदस्यीय समिति गठित करने सहित अन्य प्रमुख मांगें रखी गईं।

6 अक्टूबर के बूंदी बंद के बाद भी ठोस कार्रवाई का इंतजार

महासंघ ने कहा कि 6 अक्टूबर को बूंदी बंद के माध्यम से व्यापारियों और आमजन ने जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग को लेकर अपनी आवाज बुलंद की थी। इसके बावजूद मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने से आमजन में चिंता बनी हुई है। महासंघ का कहना है कि सरकारी अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को समय पर समुचित उपचार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलना सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

सात दिन में जवाब नहीं मिला तो होगा व्यापक आंदोलन

संयुक्त व्यापार महासंघ ने प्रशासन से सात दिवस के भीतर मांगों पर की गई कार्रवाई का लिखित जवाब देने की मांग की है। महासंघ ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय में संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती है, तो विभिन्न सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों और आमजन के सहयोग से धरना-प्रदर्शन, जनसभा, क्रमिक धरना तथा आवश्यकता पड़ने पर व्यापक बाजार बंद जैसे लोकतांत्रिक आंदोलन की रणनीति घोषित की जाएगी।

महासंघ ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के विरुद्ध नहीं, बल्कि बूंदी की चिकित्सा व्यवस्था में सुधार, मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने और आमजन के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

ये रहे मौजूद

इस दौरान संयुक्त व्यापार महासंघ के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश एवरग्रीन, कार्यकारी अध्यक्ष पीतांबर शर्मा, सचिव प्रशांत मोदी, अभिभाषक परिषद से धीरज कुमावत, कपड़ा व्यापार संघ से अशोक अजमानी, सदर बाजार व्यापार संघ अध्यक्ष अनिल नंदवाना, मधुसूदन गुप्ता, राकेश जैन, भानु जैन सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

प्रेस विज्ञप्ति कार्यकारी अध्यक्ष पीतांबर शर्मा ने जारी की।

प्रकाशन संबंधी सुझाव: समाचार प्रकाशित करने से पहले आरिज की मृत्यु के घटनाक्रम, उपचार और कोटा रेफर किए जाने की जानकारी की पुष्टि कर लें। इससे समाचार की तथ्यात्मक विश्वसनीयता बनी रहेगी।

भाजपा का प्रदर्शन: पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के खिलाफ कोतवाली थाने में परिवाद दर्ज

राजेश खोईवाल   (राजस्थान टीवी न्यूज़) बूंदी । राजस्थान सरकार के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास द्वारा मुख्...