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Tuesday, October 13, 2026

डॉ. रमाकांत मंडावत लगातार 16 वर्षों से निर्विरोध अध्यक्ष, एक बार फिर राजस्थान आयुर्वेद चिकित्साधिकारी संघ की कमान सौंपीसरल स्वभाव, न्यायप्रिय छवि और मिलनसार व्यक्तित्व के चलते लगातार मिल रहा चिकित्साधिकारी साथियों का विश्वास, निर्विरोध निर्वाचन पर विभाग और परिवारजनों में खुशी की लहर

राजेश खोईवाल (राजस्थान टीवी न्यूज़) बूंदी दिनांक : 

14 अक्टूबर 2026 

राजस्थान। राजस्थान आयुर्वेद चिकित्साधिकारी संघ के अध्यक्ष पद पर डॉ. रमाकांत मंडावत को एक बार फिर निर्विरोध निर्वाचित किया गया है। आज आयोजित चुनाव प्रक्रिया में उनके नाम पर सर्वसम्मति बनने के बाद उन्हें पुनः संघ के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। डॉ. मंडावत पिछले 16 वर्षों से लगातार निर्विरोध अध्यक्ष चुने जाते रहे हैं। एक बार फिर उनके निर्विरोध निर्वाचन से आयुर्वेद चिकित्सा जगत में हर्ष का माहौल है। उनके समर्थकों, विभागीय साथियों, परिवारजनों, मित्रों और शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई है तथा उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

डॉ. रमाकांत मंडावत की पहचान एक अनुभवी चिकित्साधिकारी, सहज स्वभाव के व्यक्तित्व और सभी को साथ लेकर चलने वाले नेतृत्वकर्ता के रूप में रही है। उनका सरल व्यवहार, न्यायप्रिय छवि, मिलनसार व्यक्तित्व और साथियों के प्रति सहयोगात्मक दृष्टिकोण उन्हें अन्य लोगों से अलग पहचान दिलाता है। यही कारण है कि लंबे समय से उन्हें संघ के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी निर्विरोध रूप से मिलती आ रही है।

16 वर्षों से कायम है विश्वास और भरोसे का सिलसिला

किसी भी संगठन में लगातार इतने लंबे समय तक निर्विरोध अध्यक्ष चुना जाना अपने आप में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाती है। यह केवल एक पद पर बने रहने का विषय नहीं, बल्कि साथियों के बीच बने विश्वास, आपसी समन्वय और नेतृत्व के प्रति स्वीकार्यता को भी दर्शाता है। डॉ. रमाकांत मंडावत ने पिछले 16 वर्षों में अपने व्यवहार और कार्यशैली से चिकित्साधिकारी साथियों के बीच जो विश्वास अर्जित किया है, उसी का परिणाम है कि इस बार भी उनके नाम पर किसी प्रकार का विरोध सामने नहीं आया और उन्हें सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना गया।

संघ के अध्यक्ष के रूप में उनकी निरंतरता संगठनात्मक अनुभव, आपसी सामंजस्य और साथियों के बीच उनकी स्वीकार्यता को रेखांकित करती है। उनके नेतृत्व को चिकित्साधिकारी साथियों के बीच विश्वास और एकजुटता के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।

सरल स्वभाव और न्यायप्रिय छवि बनी पहचान

डॉ. मंडावत के व्यक्तित्व की सबसे बड़ी विशेषता उनका सरल एवं सहज व्यवहार माना जाता है। वे अपने मिलनसार स्वभाव और न्यायप्रिय दृष्टिकोण के लिए पहचाने जाते हैं। साथियों के साथ संवाद बनाए रखना, सभी की बात को महत्व देना तथा आपसी समन्वय को प्राथमिकता देना उनके व्यक्तित्व की प्रमुख विशेषताओं में शामिल है।

उनकी इसी कार्यशैली के चलते वे लंबे समय से चिकित्साधिकारी साथियों का विश्वास प्राप्त करते रहे हैं। संगठन में किसी भी पद की जिम्मेदारी निभाने के लिए अनुभव के साथ-साथ व्यवहारकुशलता, धैर्य और सभी को साथ लेकर चलने की क्षमता आवश्यक होती है। डॉ. मंडावत का लगातार निर्विरोध चुना जाना उनके प्रति साथियों के भरोसे को प्रदर्शित करता है।

निर्विरोध निर्वाचन पर बधाइयों का लगा तांता

राजस्थान आयुर्वेद चिकित्साधिकारी संघ के अध्यक्ष पद पर एक बार फिर निर्विरोध चुने जाने के बाद डॉ. रमाकांत मंडावत को विभागीय साथियों, परिवारजनों, मित्रों, सहयोगियों और शुभचिंतकों की ओर से बधाइयां एवं शुभकामनाएं दी जा रही हैं। उनके पुनः अध्यक्ष निर्वाचित होने पर सभी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की है।

उनके शुभचिंतकों का मानना है कि डॉ. मंडावत के अनुभव, सरल स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व का लाभ संगठन को आगे भी मिलता रहेगा। उनके नेतृत्व में संघ आपसी एकजुटता, बेहतर समन्वय और चिकित्साधिकारी साथियों के हितों से जुड़े विषयों पर सकारात्मक भूमिका निभाने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

डॉ. रमाकांत मंडावत का लगातार 16 वर्षों तक निर्विरोध अध्यक्ष चुना जाना उनके प्रति साथियों के अटूट विश्वास और स्वीकार्यता का परिचायक है। एक बार फिर सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुने जाने पर उनके समर्थकों और शुभचिंतकों में उत्साह का माहौल है। सभी ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य एवं सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।

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