राजेश खोईवाल (राजस्थान टीवी न्यूज़) बूंदी
बूंदी । नगर परिषद के तत्वावधान में शहर के ऐतिहासिक आज़ाद पार्क में चल रही भव्य रामलीला के पांचवें दिन गुरुवार रात्रि को भगवान श्रीराम के जीवन के सबसे भावुक और महत्वपूर्ण प्रसंगों का मंचन किया गया। कलाकारों ने अपनी सजीव और भावपूर्ण अभिनय शैली से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
रात्रि के सांस्कृतिक मंचन की शुरुआत अत्यंत भावुक और नाटकीय प्रसंगों के साथ हुई ।
कथा के इस पड़ाव में रानी कैकेयी की जिद और मंथरा की कुटिल चालों का सजीव चित्रण किया गया, जिसने अयोध्या के भविष्य की दिशा ही बदल दी। महाराज दशरथ और रानी कैकेयी के बीच हुए संवाद के दृश्यों ने दर्शकों की आँखें नम कर दीं। पुत्र मोह और वचनों की बंधी मर्यादा के बीच पिसते राजा दशरथ की पीड़ा का कलाकारों ने जीवंत प्रदर्शन किया।
इसके बाद मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के वन गमन और गंगा तट पर निषादराज केवट द्वारा भगवान के चरण धोने केवट उद्धार के प्रसंग का मंचन किया गया। भक्ति और प्रेम से ओत-प्रोत इस दृश्य पर पूरा पार्क 'जय श्री राम' के जयकारों से गूंज उठा।
रामलीला मंचन के शुभारंभ से पूर्व मुख्य अतिथियों ने विधि-विधान के साथ रामायण जी की आरती उतारी और सुख-शांति की कामना की। मुख्य अतिथिपूर्व पालिका अध्यक्ष मोड़ू लाल वर्मा रहे ।
अध्यक्षतापूर्व पालिका अध्यक्ष सुरेश जिंदल ने की । विशिष्ट अतिथि पूर्व उपसभापति संतोष कटारा रहे ।
महोत्सव समिति के अध्यक्ष दिलीप सिंह राजावत, संध्या रावल, पैंशु सिंह, उमा जांगिड़, मोहन कराड, मनोज गोचर, नरेंद्र गुर्जर , सुरेश परिहार , मनोज गौतम सहित अन्य पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों का माला पहनाकर और साफा बंधवाकर भव्य स्वागत किया।
मीडिया प्रभारी अभिषेक जैन ने बताया कि रामलीला के पांचवें दिन के प्रमुख आयोजनों को देखने के लिए शहरभर से बड़ी संख्या में रामभक्त और दर्शक आज़ाद पार्क पहुंचे। देर रात तक चले इन धार्मिक प्रसंगों ने उपस्थित सभी लोगों को भक्ति रस से सराबोर कर दिया।
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