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Monday, October 12, 2026

अशोक गुप्ता के बाद संविदाकर्मी आरिज की मौत से फिर उठे सवाल, बूंदी की चिकित्सा व्यवस्था में सुधार की मांग तेजसंयुक्त व्यापार महासंघ ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर एवं सीएमएचओ को सौंपा 12 सूत्रीय मांग-पत्र, सात दिन में जवाब मांगा; कार्रवाई नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी

राजेश खोईवाल बूंदी राजस्थान टीवी न्यूज़बूंदी। बूंदी जिला चिकित्सालय की चिकित्सा व्यवस्थाओं में सुधार और आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर संयुक्त व्यापार महासंघ ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को 12 सूत्रीय मांग-पत्र सौंपा। महासंघ ने चिकित्सा व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार की मांग करते हुए चेतावनी दी कि निर्धारित समय में संतोषजनक कार्रवाई नहीं होने पर व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।

महासंघ ने कहा कि दिवंगत व्यापारी अशोक गुप्ता के प्रकरण के बाद अब संविदाकर्मी आरिज की हृदयाघात से मृत्यु की घटना ने जिला चिकित्सालय में हृदय रोग विशेषज्ञ की उपलब्धता और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्थाओं को लेकर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। समाचार पत्रों में प्रकाशित घटनाक्रम के अनुसार, आरिज को उपचार के बाद बेहतर चिकित्सा के लिए कोटा रेफर किया गया था। महासंघ ने संबंधित घटनाओं की निष्पक्ष समीक्षा कर चिकित्सा व्यवस्था में आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने की मांग की।

12 सूत्रीय मांग-पत्र में उठाए चिकित्सा सुविधाओं से जुड़े प्रमुख मुद्दे

संयुक्त व्यापार महासंघ ने मांग-पत्र में जिला चिकित्सालय में हृदय रोग विशेषज्ञ (कार्डियोलॉजिस्ट) की नियुक्ति, प्रसूता मृत्यु के मामलों की जांच, 24 घंटे वरिष्ठ चिकित्सकों की उपलब्धता, चार अतिरिक्त सुसज्जित आपातकालीन बेड तथा जीवनरक्षक सुविधाओं और आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की।

इसके अतिरिक्त चिकित्सकों का पारदर्शी ड्यूटी रोस्टर लागू करने, सर्पदंश के उपचार की समुचित व्यवस्था करने, RGHS योजना के अंतर्गत सुविधाएं उपलब्ध कराने, पार्किंग व्यवस्था में सुधार, ब्लड सेपरेशन मशीन उपलब्ध कराने तथा चिकित्सा व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए 11 सदस्यीय समिति गठित करने सहित अन्य प्रमुख मांगें रखी गईं।

6 अक्टूबर के बूंदी बंद के बाद भी ठोस कार्रवाई का इंतजार

महासंघ ने कहा कि 6 अक्टूबर को बूंदी बंद के माध्यम से व्यापारियों और आमजन ने जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग को लेकर अपनी आवाज बुलंद की थी। इसके बावजूद मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने से आमजन में चिंता बनी हुई है। महासंघ का कहना है कि सरकारी अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को समय पर समुचित उपचार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलना सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

सात दिन में जवाब नहीं मिला तो होगा व्यापक आंदोलन

संयुक्त व्यापार महासंघ ने प्रशासन से सात दिवस के भीतर मांगों पर की गई कार्रवाई का लिखित जवाब देने की मांग की है। महासंघ ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय में संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती है, तो विभिन्न सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों और आमजन के सहयोग से धरना-प्रदर्शन, जनसभा, क्रमिक धरना तथा आवश्यकता पड़ने पर व्यापक बाजार बंद जैसे लोकतांत्रिक आंदोलन की रणनीति घोषित की जाएगी।

महासंघ ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के विरुद्ध नहीं, बल्कि बूंदी की चिकित्सा व्यवस्था में सुधार, मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने और आमजन के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

ये रहे मौजूद

इस दौरान संयुक्त व्यापार महासंघ के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश एवरग्रीन, कार्यकारी अध्यक्ष पीतांबर शर्मा, सचिव प्रशांत मोदी, अभिभाषक परिषद से धीरज कुमावत, कपड़ा व्यापार संघ से अशोक अजमानी, सदर बाजार व्यापार संघ अध्यक्ष अनिल नंदवाना, मधुसूदन गुप्ता, राकेश जैन, भानु जैन सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

प्रेस विज्ञप्ति कार्यकारी अध्यक्ष पीतांबर शर्मा ने जारी की।

प्रकाशन संबंधी सुझाव: समाचार प्रकाशित करने से पहले आरिज की मृत्यु के घटनाक्रम, उपचार और कोटा रेफर किए जाने की जानकारी की पुष्टि कर लें। इससे समाचार की तथ्यात्मक विश्वसनीयता बनी रहेगी।

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