बूंदी (राजस्थान टीवी न्युज)
बूंदी। जिले के राजकीय विद्यालयों की भौतिक संरचना में सुधार करने, विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध करवाने तथा बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रारंभिक जिला शिक्षा अधिकारी स्नेहलता शर्मा ने एक सराहनीय पहल की है। इसके तहत भामाशाहों, दानदाताओं, संस्थाओं एवं सामाजिक संगठनों के सहयोग से अभावग्रस्त राजकीय विद्यालयों के पुनरुद्धार अभियान को गति प्रदान की जाएगी।
इस पहल के तहत 30 अक्टूबर 2026 को दोपहर 3 बजे राम शरणम् भवन, गेट नंबर 7, नवजीवन कॉलोनी, बूंदी में एक विशेष बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक के साथ ही विद्यालय पुनरुद्धार अभियान का विधिवत आगाज करने का प्रस्ताव है।
प्रवक्ता नूतन तिवारी ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों, गांवों, नगरों, ढाणियों एवं कस्बों में संचालित ऐसे राजकीय विद्यालयों को आवश्यक सुविधाओं से सुसज्जित करना है, जहां संसाधनों के अभाव के कारण विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके लिए भामाशाहों, दानदाताओं, विभिन्न संस्थाओं एवं सामाजिक संगठनों को सहभागी बनाकर विद्यालयों के विकास की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
प्रारंभिक जिला शिक्षा अधिकारी स्नेहलता शर्मा ने बताया कि बूंदी जिले के प्रत्येक ब्लॉक से 10-10 विद्यालयों की सूची तैयार कर ली गई है। साथ ही, जिले के विभिन्न ब्लॉकों का निरीक्षण कर अभावग्रस्त विद्यालयों को चिह्नित करने की प्रक्रिया भी की जा रही है, ताकि जरूरत के अनुसार प्राथमिकता तय कर विद्यालयों में विकास कार्य करवाए जा सकें।
उन्होंने बताया कि सरकारी बजट की सीमाओं के कारण सभी विद्यालयों में आवश्यक विकास कार्य तत्काल करवाना संभव नहीं हो पाता। ऐसे में जनप्रतिनिधियों, भामाशाहों एवं दानदाताओं का सहयोग लेकर विद्यालयों की मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
अभियान के अंतर्गत जिन विद्यालयों के भवन जर्जर अवस्था में हैं, वहां आवश्यक सुधार करवाने के साथ ही शौचालय, स्वच्छ पेयजल, चारदीवारी, फर्नीचर सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बेहतर भौतिक संसाधन उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं अनुकूल शैक्षणिक वातावरण मिलेगा और बालिका शिक्षा को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में जनभागीदारी का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन सकती है। प्रशासनिक प्रयासों के साथ समाज के सक्षम वर्ग की सहभागिता से सरकारी विद्यालयों की तस्वीर बदलने, विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने तथा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने की दिशा में सार्थक कदम उठाया जा सकता है।
विद्यालय पुनरुद्धार अभियान से जिले के राजकीय विद्यालयों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। अब इस पहल को सफल बनाने के लिए भामाशाहों, दानदाताओं, जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों की सहभागिता महत्वपूर्ण होगी।
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